जीवन यात्रा

मेरे पिताजी भारतीय सेना में सूबेदार मेजर थे तो बचपन फौजियों के बीच ही बिता। मेरी पढाई कक्षा पाँचवी तक केन्द्रीय विद्यालय जोधपुर, राजस्थान में हुई और छठी क्लास के बाद में दिल्ली के केंद्रीय विद्यालय, अार के पुरम सेक्टर 4 के स्कूल से हुई। क्लास नौवीं के बाद दसवी और बारहवीं बिहार बोर्ड से हुई।

 

बचपन से ही लिखने में रूचि होने के कारण लगातार लेख लिखता रहा। उसके बाद ये अखबारों में छपने शुरू हो गये। बाद में कुछ सालों तक BAG फिल्मस के लिए काम किया और फिर दिल्ली आ कर मीडिया की पढाई की। पत्रकारिता में स्नातक करने के बाद नालन्दा विश्विद्यालय से पत्रकारिता में ही एम.ए किया। 

 

अपने पत्रकारिता जीवन के दौरान समाज और राजनीति के विभिन्न पहलुओं को अपने लेख और रिपोर्टिंग के माधयम से प्रदर्शित करके इन क्षेत्रों की बारीकियों को करीब से देखने का अनुभव प्राप्त हुआ है। 

 

अपने जीवन की यात्रा को अभी तक के अनुभव के सहारे जारी रखते हुए अपनी बात और संवाद को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर आपसे रु-ब-रु हुआ हूँ!  जीवन की यात्रा अनवरत चलती रहेगी और इस यात्रा के दौरान आने वाले  विभिन्न पड़ाव को आपसे साँझा करता रहूँगा। 

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