ब्लॉग वापस

क्या मोदी हिटलर ,मुहम्मदशाह,जहांदार बनाना चाहते है या बातूनी बीमारी से ग्रस

Jan 30, 2017

print this page

भाजपा केंद्र के सत्ता में है और बहुत ऐसे लोग जो उन्हें अपना समर्थन देते है, भारत जहाँ लोग अपना पक्ष रखने के लिए स्वतंत्र है । पर क्या आप बता सकते है की अभी तक भाजपा द्वारा किया गया कोई भी कार्य धरातल पे दीखता हैं? 


हम सभी भारतवासी 0.5% टैक्स जो कृषि के विकास के लिए देते, क्या इसका फायदा सीधे किसानो को फायदा मिल रहा है? पहले जो सत्ता में सरकार थी वो बिना 0.5 % टैक्स के जो किसान को सबसिडी देती थी तो क्या इसमें बढ़ोतरी हुई ? या किसान के टैक्स के नाम पर जमा हुई पूंजी निवेशकों को निवेश करने के लिए और उनके खजाना बढ़ाने के लिए दिया जा रहा है ।।


अब ये बताये जो आपने कालाधन के नाम पर पुरे भारत में जो हल्ला मच्चा रखा था उसका क्या फायदा हुआ, जब आपने काले धन का अनुमान लगभग 4 से 5 लाख करोड़ लगाया तो सिर्फ लगभग 54000 करोड़ ही कैसे बचा ? 


क्या आपका ED, CBI, IT एव् अन्य एजेंसीया को जनता का पैसा उनका मासिक वेतन मुफ़्त में बाटते है? अभी तक आपने कितना कालाधन पकड़ा ये ना तो आपने सार्वजनिक किया और ना ही RTI में पूछे जाने पर आपने अपना पल्ला झाड़ लिया।।


क्या सत्ता में आपके रहने का मतलब तानाशाह बनकर दिखना है ?


आपने लोकसभा चुनाव तो हिन्दू और मुस्लिम में आग लगा के वोट तो ले लिया और जीत भी गये। अगर आप मुस्लिमों को बिलकुल देखना ही नहीं चाहते तो उनको अलग कर दो, क्यों बेचारों को घिसिट रहे हो? 


आपने UP में सभी लोकसभा सिट पर किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया और ना ही आने वाले UP विधानसभा चुनाव में किसी मुस्लिम प्रत्याशी को आगे आने का मौका दिया, अगर आपके आँख में मुस्लिम खटकते है तो सभी मुस्लिम समुदाय को मार दीजिये शायद तब आपका तानाशाही सही साबित होगा। 


चरखा चला कर तो आप गांधी जी बनना चाहते हैं किन्तु आप शायद भूल गए की गाँधी जी ही ने मुस्लिमों को उन्हें भारत में रहने की आजादी दी थी। पुरे भारत में 17% मुस्लिम है अगर आप उन्हें आगे बढ़ते देखना ही नहीं चाहते तो उन्हें वोट देने से भी वंचित कर दीजिये तब शायद आपको अच्छा फायदा मिलेगा और या तो आप चारो खाने चित हो जाएंगे क्योंकी फिर आपके पास कोई मुदा तो होगा नहीं।।


आप सिर्फ काम करने का जूठा प्रचार (गरजते) करते रहते है, जैसे कहा जाता है की गरजने वाले कभी बरसते नहीं और बरसने वाले कभी गरजते नहीं। 


मोदी जी फेकना बंद कीजिये, ये गुजरात नहीं है जो पहले से निवेश कर अपने आप को उपर रखा है। ये भारत है जहाँ हर तरफ के लोग गरीब से लेकर मध्यम वर्ग तक के लोग है।।


8 नवंबर से 10 दिसंबर सब आपके फैसला को सही ठहरा रहे थे किन्तु अब वही लोग जो आपके बिना काम के भी काम का पूल बांधा करते थेे, वे लोग अब 10 में से 6 लोग आपके फेकू काम को समझ गए है। मैंने जमीनी स्तर पे देखा है जहाँ आपके कोई भी कार्य किसी भी व्यक्ति को सही तरीके से ना तो लाभ मिल रहा और ना ही सही तरीके से किर्यावन है, जिसे सरकार की सबसे बिफलता मानी जाती है। अब तो युवा वर्ग को भी समझ आ गया है की उनके पढ़े लिखे होने के बाद भी उनको नौकरियों के लिए कितनी लंबी लाईन ये ढाई साल में खड़ा कर दिया है आपने, अगर यही हाल रहा तो जो आज आपके युवा भक्त जो बचे खुचे भी अपना रुख मोड़ लेंगे, भाई भक्त भगवान का बनो ना की ऐसे मुर्ख और फेकू इंसान का ।।


इसकी जितना चिठा खोलना चाहू उतना कम पड़ जायेगा, ढाई साल में 1100 सौ करोड़ का ख़र्च केवल विज्ञापन पर ख़र्च किया है तो पांच साल में मोदी जी के विज्ञापन पर 3000 हजार करोड़ ख़र्च आएगा जो की एक राज्य की विकास का पैकेज होता है, अगर ये पैसा जनता के काम में लगाया जाता तो जायदा बेहतर होता ।।


आप पढ़े लिखे है वेवकूफ़ और बात बनाने वालो का भक्त ना बने, काम देखे धरातल पे और तभी अपना मतदान करें।
धन्यवाद।।
शशि शेखर 

मैं आपको बताता हूँ शशि शेखर के बारे में , भारत के अच्छे संसथान से पढ़े लिखे है जिस संस्थान में बच्चो का सपना होता है , अभी सामाजिक कार्यकर्त्ता है कई करोड़ का पैकेज छोड़ के गांव-गांव में प्रकर्तिक से जुड़े कार्य करते है और मजदूरों को उनके अधिकारों से अवगत करवाते है। 
आप भी यदि कोई अच्छा लेख भेजना चाहते है तो मैसेज बॉक्स में भेज सकते है। 

(जहांदार) उत्तरकालीन मुगल शासक और क्षेत्रीय राज्य उत्तरकालीन मुगल शासक औरंगजेब के बाद जो भी मुगल शासक बने,जहांदार को लम्पट मुर्ख भी कहा जाता थी। 
मुहम्मदशाह को सुन्दर युवतियों के प्रति अत्याधिक रूझान के कारण रंगीन बादशाह कहा जाता था।

comments powered by Disqus

ख़ास मुलाकात

ब्लॉग

फेसबुक